**कुछ ऐसा होगा 2017 का अंत**

 

**कुछ   ऐसा होगा 2017 का अंत**

  • जिन्दगी या तो भरोसे से बडा हो सकता है । या प्‍यार के अहसास से 2 कठिनता जिन्‍दगी का 1 नाम है दूसरा ये तो कोई सदावहार इंसान ही कह सकता है । नैतिकता और मानवता दोनो से परे है कोई इसमे समझौता कभी भी नही कर सकता है ।
  • इन सारी तकनीनिकियो और विज्ञान का कहर किसी भी इंसान कि जिन्‍दगी बदल सकता या उसे और बेहतर कर सकता है । क्‍योकि मानवीय क्रियाकलाप भी उनकी शक्तिया सजीवों को निष्‍क्रीय या यूं कूहूं कि उन्‍हे हमेशा के लिये मार सकती है ।
  • जो मानव यह सब आसानी से कह सके तो दुनिया का निर्माण या अंत मे सहायक होने के लिए केवल कारीगर का कार्य कर सकता है । केवल वही-
  • सत्‍य दशों से भिन्‍न या अन्‍यों से अनेक हो सकता है पर विश्‍वास या तकनीक दोनो से भिन्‍न हो सकते  मे केवल अपने आपमे नही  वरन सर्वकालिक लोको मे विदयमान जीवों के बारें मे सत्‍यता कह रहा क्‍योकि 1.25% ब्रम्‍हाण को ही मानव जान पाया है ।
  • बाकी 98.75% से दो गुना दुनिया विस्‍तारित परन्‍तु इसे महानता के महानतम खोजकर्ता या वैज्ञानिक की नही जान पाये । पर जानने की कोशिश मे हॅू।

जाने कि कोई भी अनजान ग्रह समाप्‍त हो रहा है पर इसकी जानकारी अद्रश्‍य या द्रश्‍य युवक या यॅू कहों कि एलियन भी नही जान पाये वे आते है कि पृथ्‍वी का विनाश लोगो पर किन परस्थितियों मे ?  वे जानकारी  जुटा रहे है पर नियम “Nutro-pelagone”  के बारे मे वे या मानव भी नही जान पाया है पर मै आज उसे अपने इस लिखित बयान मे कह रहा हॅू कि यदि कोई भी आपदा या कुछ भयानक हुआ तो इस Netro-pelagone की खोज करे यदि मानवता की जानकारी बचानी हो तो बरना ब्रम्‍हाण के साथ पृथ्‍वी एक छोटे धमाके से नष्‍ट हो जायेगा ये सब जो है उस नियम  पर आधारित है जिस पर मै अपने ही बनाये नियम को गलत होने की कामना करता हॅू भविष्‍य मे पृथ्‍वी 27 छेद होंगे जो कि HLC से भी बडे होगे जिससे पृथ्‍वी अनियंत्रित हो जायेगे ओर ब्रम्‍हाणों मे बिलीन घूम जायेगी । पर मानवों मे कुछ जीवित होगे जिन्‍हेइसकी जानकारी नही फिर भी उस 27 छेदो को भरने के लिए  लावा और प्‍लास्टिक का उपयोग करेंगे तब जाकर पृथ्‍वी नियंत्रण मे होगी पर पृथ्‍वी 2.3 प्रतिशत ही मानव जीवन जी  रहे है या जीवन पा रहे होंगे।

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