The thief

date 25/06/2017 time 5:30 pm

आज से पाच साल पहले कि बात है एक गांव मे दो चोर रहते थे दोनो चोरी करने मे माहिर थे ओर जो भी दोनो चुरा कर लाते थे उसे दोनो ही बराबर भागो मे बाट लिया करते ऐसे ही उनका दिन बीतते चले जा रहे थे एक दिन आया जब उस गांव मे महामारी फेल गई सब तरफ हाहाकार होने लगा लोग मरने लगे किसी को किसी की परवाह ही नही थी अपने परिजनो के साथ इधर से उधर भाग रहे थे सब अपनी जान बचाने के लिए कोई उपाय खोज रहे थे पर उनको कोई उपाय समझ मे नही आ रहा था तब गांव के मुखिया कुछ सोच कर कहा कि उन दोनेा चोरो को ले आओ ओर जो भी समय तक उन लोगो ने हमारे गांव की चोरी की है अब उन्‍हे तो गांव का कर्ज चुकाने का समय आ गया है ओर दोनेा को यह समझा दो कि अगर भाग कर गये तो उनका भला कभी नही होगा ओर वे कभी सुखी भी नही रहे पायेगे ऐसा कहकर गांव के मुखिया ने उनको बुलवा लाया दोनेा चोर आ गये ओर काम करने को तैयार हो गये पर उन्‍होने धन की मांग की मुखिया ने उन्‍हे धन दे दिया ओर वे उस गांव से चले गये ओर करीबन 1 सप्‍ताह के बाद वापस आये ओर कहा कि हमे एक विद्धान मिले थे जिन्‍होने कहा कि उनके गांव की महामारी पाप करने ओर लोगो के साफ सफाई न रखने की वजह से हुई है तो यह तबाही हो रही है । पर मुखिया ने कहा कि अगर ये बात है तो हम आगे से ध्‍यान रखेगे ओर साफ सफाई मे ध्‍यान देंगे पर फिलहाल कोई उपाय तो होगा कि इस महामारी से निपटने का कुछ तो बताया होगा उस विद्धान महोदय ने जरा चोरो साफ साफ बताओ कि क्‍या बात है जो उन महात्‍मा जी ने तुम्‍हे बताया उन्‍होने कहा कि अब इस गांव मे बडा हवन होना चाहिए ओर महाभंडारा होना चाहिए जिससे पाप कम हो जाये ओर बीमारी भी खत्‍म हो जाये सब के सब तैयार हो गये ओर हवन ओर भंडारे का सामान जुटाने लगे पर फिर भी समस्‍या आ रही थी कि हवन कौन करेगा फिर चौरो से पूछा गया कि क्‍या तुम उसी महात्‍मा को हवन करने क्‍यो नही बुलाते तब चौरो ने कहा कि ठीक है हम उन्‍हे आने को कह देंगे लेकिन वे इस काम के लिए धन मांग सकते है तब सभी गाव वालो ने उन्‍हे धन देने की हामी भर दी ओर फिर क्‍या था कुछ ही दिनो बाद उस गांव मे हवन का कार्यक्रम रखा गया पर कोई भी महात्‍मा नही आये ओर फिर उन चोरो के द्वारा ही हवन सम्‍पन्‍न किया गया पर इस बार चोरो ने धन नही लिया फिर से गांव हरा भरा हो गया ओर महामारी समाप्‍त हो गई ।।

1 इस कहानी से आपको क्‍या प्रेरणा मिलती है?

।।स्‍वभाव दिल और दिमाग दोनो पर वार करता है।।

जिन्‍दगी ने तुम्‍हे इतना कुछ दिया ओर तुम्‍हे ये लगता है कि तुम केवल मुझे पाने के लिए हो या फिर मानवीय लोथडे को पाने की निरंतर कोशिश कर रहे हो तुममे घमंड पूरी तरह हावी हो गया है प्‍लीज ध्‍यान दीजिए कोई भी बात गलत नही होगी। मै केवल तुम्‍हारा भला चाहती हॅू। तुम केवल भविष्‍य मे चलो पुरानी बाते स्‍वप्‍न समझकर भूलो प्‍लीज 00