// वर्तमान से भूतकाल का सफर //

वर्तमान से भूतकाल का सफर

जो समा आज है वह गुजरा हुआ कल भी था वे यादे आज भी है जो गुजरा हुआ कल था समय गुजर गया बस यादे रह गई है बचपन का दिन था जिसमे स्‍कूल जाने का डर और होमवर्क की चिंता लेट स्‍कूल गये तो सजा फिर भी मजा आया करता था मित्र आज भी है और गुजरे समय मे भी थे पहले प्‍यार से मिलते और बाते किया करते थे आज तेज रफतार से निकल जाते बाते करता तो दूर मुसकुराते भी नही क्‍या ऐसा भी क्‍या हो गया कि एक सहपाठी मित्र दूसरे से बात तक नही कर सकते शायद  उनके दिमांग  मे बडे छोटे या गरीबी या अमीरी का दरवाजा लगा है वे अपने मित्र दूसरो को नही बनाना चाहते खैर ये सब बाते तो चली गई पर अभी भी समय का सफर चल रहा है मित्रो मिल न सको गर कोई बात नही प्‍यारो राह चलते दिखें तो मुशकुरा जरूर देना। दिल को अच्‍छा लगेगा मन मे अनंत अनंत उमंग जाग जायेगी की ये देखो मेरा मित्र जा रहा है कितनी तरक्‍की कर रहा है। और सच्‍चाई का सामना करने से कोई छोटा या बडा नही होता ओर न ही अमीर या गरीब होता है वे तो अपनी राह पर चल रहे है बस एक सहमा हुआ दिल कुछ करने की आस से जाग जायेगा।

मेरे सभी मित्रो को अनंत तरक्‍की के लिए अमिट प्‍यार —** umee **

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