invisible machine

how to make?

  1. 14 वी शताब्‍दी की पवन चक्‍की ।
  2. एक बहुत बडा गोल ड्रम।
  3. बहुत से छोटे पंखे।
  4. Power full inverter.
  5. Analog watch.  ii. Digital timer iii. 10 digits.
  6. चांदी ओर सोने से बनी छडिया जो इस घेरे को पूरी तरह ढ़क दे, ये छडी तब घूमेगी जब बड़ा ड्रम घूमेगा उसकी विपरीत दिशा मे।
  7. वातावरण/जैसा पूरी दुनिया मे होगा।
  8. एक कांच का घर।
  9. कुछ ऐसा जो परमाणु की शक्ति के बराबर या सहनशील हो।
  10. Power full super computer जो इन सब की निगरानी करें किसी फिल्‍म की तरह ex:- Jems bond.
  11. टेलीफोन यंत्र new version.
  12. कार्डियोग्राम जिसका subject की सही जानकारी हो जैसे कि जीवित हो या मृत हो ऐसा ही कुछ समझों।IMG_20150723_161115.jpg

\\ दो प्रेमी का पुर्नजन्‍म \\

\\ दो प्रेमी का पुर्नजन्म \\
एक शहर था जिसका नाम विस्साधर था उस गांव मे एक लडका रहता था उसका नाम मुकेश था वह सभी के साथ हिल-मिलकर रहता था एक दिन वह अपने शहर मे घूम रहा था तभी उसके मित्र भी आ गये ओर पहाडी पर चलने को कहने लगे जब वे जा रहे थे तो उनके साथ एक ओर नया व्यक्ति आ गया पर वह उसे नही जानते थे अनजान होते हुए भी वह उनसे घुल-मिल गया था सभी पहाडी पर चढ कर बैठ गये वह लडका जो रास्ते मे मिला था कुछ बहकी-बहकी बाते कर रहा था वह कह रहा था इस पहाडी पर कुछ साल पहले दो लोग मिलते थे एक लडकी व एक लडका दोनेा एक दूसरे से प्रेम करते थे मुकेश ने उनका नाम पूछा कि कौन थे वे – वह अनजान युवक ने नाम नही बताया ओर युवक आने लगा मुकेश उससे कहने लगा कि रूको दोस्त कुछ तो बताओ पर युवक चलता रहा ओर चलते-चलते हवा मे उडने लगा यह देखकर मुकेश के दोस्त भाग गये — अब दोनो हवा मे उडते-उडते जा रहे थे एक जंगल के पास जाकर दोनो नीचे आ गये ओर कहा तुम ही हो जिसे मे यह सब दिखाना चाहता था मे ही हॅू जो इस पहाडी पर अपने प्रियतम से मिलता था पर शहर वालो को यह सब बिल्कुल अच्छाे नही लगा ओर उन्हो ने दोनो को जान से मारने की धमकी दी। पर दोनो भाग गये ओर इस पहाडी पर रहने लगे। उन्हेर मारने के इरादे से रात को सब पहाडी पर पहुच गये ओर उनके घर मे आग लगा दी दोनो बाहर निकले तो उन्हेो पकडकर पहाडी से नीचे फेंक दिया। जिसमे मेरी मृत्यु हो गई पर मेरी सखी नही मरी थी उसे दूसरे गांव वाले उठाकर ले गये उसे नागपुर की तरु किसी गांव मे रखे थे वह अभी ठीक है पर उसे कोमा से नही बचा पाये वह अभी भी कोमा मे है। ओर मेरा इंतजार कर रही है पर मै नही जा सकता पर तुम मेरे जैसे दिखते हो तुम चले जाओ ऐसा बोला ओर वह मुकेश मे समा गया अब वह युवक मुकेश था जो शक्ति का अनुभव कर रहा था। पर वापस घर आया ओर अपने मित्रों को यह सब बताया। बात सुनकर सबको डर लगने लगा पर मुकेश ने समझाया कुछ नही होगा । हम नागपुर जायेगे। बोला कि सब तैयार हो जाओ, सुबह चलेंगे सब मित्र सुबह तैयार होकर नागपुर वाली बस से नागपुर जाने लगे।
जाते-जाते सभी आगे क्या होगा इस बात को सोच रहे थे। कि अब क्या होगा फिर होना क्या था बस चलने लगी, मुकेश का एक ओर मित्र मिला जो बस मे था पर मुकेश नही पहचान सका वह तो उस युवक को जानता था जो उसके अंदर है। उसने मुकेश से कहा भी पर वह नही बोला— एक दिन के बाद बस एक जंगल के पास से जा रही थी साम का समय था । मुकेश को कुछ एहसास हुआ ओर जल्दीन से उसने बस को रूकवाया ओर जल्दी से नीचे उतर गया केवल वह अकेला उतरा फिर बस चल दी मुकेश नीचे उतर गया तथा रेाड पर चलने लगा। धना जंगल था पर वह चलता गया आगे चलते-चलते मुकेश एक खंडहर के पास पहुच गया बाहर तो बेकार दिख रहा था पर जब मुकेश अंदर गया तो अंदर नया सा हो गया वह दरवाजे खोलकर अंदर जाने लगा उसने तीन दरवाजे तो दिख रहे थे पर वहा कोई नही दिख रहा था फिर मुकेश ने चौथा दरवाजा खोला वहा पर भी कोई नही था अब उसे डर लगा कि कोई नही है यहा पर इस लिए वापस जाने लगा वापस लेकिन दरवाजे बंद हो गये पहला दूसरा, तीसरा सभी पर मुकेश खोलने की कोशिश करता रहा ओर सफल भी हो गया आखिरी दरवाजा के दो दरवाजे बरन गये एक खुल गया पर दूसरा नही खुल पाया — मुकेश खोलने लगा पीछे से चमकादड आई ओर टकराकर उडने लगी अंदर से मुकेश को कोई पुकार रही थी कि —— तुम अभी-अभी आये हो ओर वापस जाने लगे मुझसे मिले बिना आओ मेरे पास, जरा देखो तो मै कौन हू, पर मुकेश पूरी तरह से डर गया ओर थर-थर कांपने लगा जैसे ही वह सामने आई तो उस युवक की आत्मा निकलकर मुकेश से अलग हो गई ओर बोला कि तुम अब चले जाओ वह बोला – तो दरवाजे अपने आप खुल गये ओर मुकेश बाहर चला गया अब दोनो युवक युवती मिल गये थे, हॉ वह युवती की आत्मा थी वह भी मर चुकी थी पर दोनो मुक्त नही हुए थे वह दोनो एक जादुई खंडर मे कैद हो गये थे वहा एक जादुगर ने जादू से खंडर बनाया था जो भी जीवित प्राणी वहा जाता था ओर चला गया पर आत्मा वही कैद हो जाती थी । अब दोनो उसी खंडर मे रहने लगे करीबन सन 2026 दिसंबर 31 के दिन वहा पर एक भूतिया फिल्म की सूटिंग करने मुंबई से टीम आई थी फिर क्या हुआ होगा ?????

To be continune……..

चुडैल और भूत कीखोज

चुडैल ओर भूत की खोज

पुराने समय की मान्‍यताऐ किसी भी इंजान के दिल व दिमांग मे अंदर तक भेद करती है कि क्‍या घटनाये है उनके बीच तथ्‍य क्‍या हो सकते है इस बात को सामान्‍य इंसान यह कहकर इंकार कर देता है कि इसमे कि कार्य या विचार विमर्श मान्‍य होगा या नही पर तपस्‍वी या बीर पुरूष जहां भयभीत इंसान इस बारे मे सत्‍य विचार कर सकता है यह विचार जन ओर अन्‍य वास्‍तविक महान पुरूषो की ओर इसारा करा है इस जीवनकाल  को खोजता रहता है चाहे उसमे उसे लाभ की अभिलाषा बिल्‍कुल भी नही लगती वे तो इसे अपने कार्य का वह प्रतिफल जो उन्‍हे प्राप्‍त होने वाला रहता है वह पुण्‍य ही है या तो सत्‍य कर्म जो सत्‍य पुरूषो के द्वारा तैयार किया हुआ होता है पर हर व्‍यक्ति यह कभ्‍ाी   नही सोच सकता कि वह प्रक्रति से भी महान है कितना शक्तिशाली है अपने कर्म का कार्यकलाप एक तो स्‍वंय करता है दूसरा किसी ऐसे इंसान से उसकी भलमनसी की जानकारी का प्रारूप प्राप्‍त करना ही उसका लक्ष्‍य मात्र होता है सिदघ पुरूष विघमान तथ्‍य या लक्ष्‍यो को कदापि प्राप्‍त करने की कभी कल्‍पना भी नही कर सकते अरे हॉ अब याद आया कि हम किसी ऐसे तथ्‍य या संस्‍मरण के बारे मे बाते करने वाले है यह तर्क इसलिए दिया कि कोई यह न समझे कि किताबो का अध्‍ययन कर इतिहास संविदा ओर इसके बारे मे जानकारी श्रोता को प्रेषित  की जा रही है ज्ञांतव्‍य है कि भूत, पिशाच, चुडैल ओर अद्रश्‍य शक्तियां धरा मे विदयमान है योगी ओर भोगी यह सब जानकारी रखते है पर फिर भी इस विषय मे थोडी बहुत ज्ञान मानव मे तो अवश्‍य होना ही चाहिए  कि क्‍या, ये वास्‍तव मे सत्‍य हो सकता है मुझे यह बताते हुए थोडा सा आश्‍चर्य यह हुआ कि मै भी इस मुर्खता भरी बातो मे आ गया ओर इस विचार रूपी तथ्‍य की खोज के लिए दिनांक 17-10-2016 की रात को दो मेरे भान्‍जो के साथ निकल गया किसी ऐसी रहा पर जहां यह जानकारी मिल जाये कि वास्‍तव मे जीवित अदृश्‍य आत्‍मा या शरीर उस सूनसान स्‍थान मिल जाये तो सत्‍यता प्रकट हो जाये पर ऐसा हुआ नही वह तो उस भयानक स्‍थान पर जाकर ही पता चलने वाला था फिर क्‍या हम करीबन 12 बजे उस स्‍थान पर चले गये ओर खोज शुरू कर दी उस दिव्‍य पदार्थ रूपी मानव अंश की करीबन 1 धंटा तक उस जगह का भ्रमण किये हम तीनो ने पर तनिक भी निष्‍कर्ष नही निकल सका मेरी जानकारी के अनुसार वहा पर कुद न कुछ तो अवश्‍य होना ही चाहिए था । पर जानकारी अपर्याप्‍त ही सिदघ हुई ।

मै, ओर मेरे दो भांंजे सहित हम खोज करने को गये थे    भरता देव ।।